Header Ads Widget

ओलंपिक का पूरा इतिहास, कब और कैसे हुई

 





खेल परंपरा आदि काल से आंनद व षक्ति प्रदर्षन के लिए आयोजन करते थे। वही धीरे धीरे कबीलो में व राजा महाराजाओं के समय पर मुख्य धारा में आने लेगे। उस समय तीर चलाना, कुष्ती, पहलवानी, घोड़ा दौड़ सहित कई प्रकार के खेल होते थे। वही धीरे धीरे समय के साथ साथ खेलों में सुधार होता गया। वही नियमों व नई - नई प्रतियोगिताओं व खेलों विकास होता गया।  

ऐसे हुई ओलंपिक की षुरूआत, ओलंपिक 1896-1936

तत्कालीन विष्व में पष्चिमी देषों विद्रोह, आपसी देषों में युद्धों व तानाषाहों के प्रति जनता के द्वारा की जारह क्रांतियों का दौर अपने चरम पर था। इससे बढ़ते मानसिक तनाव का देखे हुए इस तानव को कम करने के लिए खेलों की प्रति लोगों का रूझान बढ़ने लगा। खेलों के प्रति बढ़ते रूझानों के कारण कई दषों ने आपस में खेल आयोजनों की योजनाएं बनाई। लेकिन ज्यादा सफल नही हो सका। फिर देषों के समूह एक साथ खेल आयोजनों पर विचार करने लेगे। सबसे पहले आधुनिक ओलंपिक खेल यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किए गए। लेकिन उसके बाद भी सालों तक ओलंपिक आंदोलन का स्वरूप नहीं ले पाया।

उस दौरान तमाम सुविधाओं की कमी थी। आयोजन की मेजबानी की समस्या होती थी और खिलाड़ियों की कम भागीदारी की समस्या भी थी। इन सभी समस्याओं के बावजूद धीरे - धीरे ओलंपिक अपने मकसद में कामयाब होता गया।

षुरूआती आयोजनों की सफलता,   

सन् 1896 में एथेंस ओलंपिक खेलों में सिर्फ 14 देशों के 200 लोगों ने 43 मुकाबलों में हिस्सा लिया। 1896 के बाद पेरिस को ओलंपिक की मेजबानी का इंतजार नहीं करना पड़ा और उसे 1900 में मौका मिल ही गया। पेरिस में महिला खिलाड़ियों की संख्या सिर्फ 20 थी। पेरिस में ओलंपिक आयोजित तो हुए लेकिन वहाँ एथेंस जैसा उत्साह देखने को नहीं मिला। 1904 के सेंट लुई ओलंपिक के बाद अमरीकी खिलाड़ियों का दबदबा ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में बढ़ता गया। शुरुआत में तो ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में सिर्फ अमरीकी खिलाड़ी ही भाग लेते थे।

1908 में लंदन में पहली बार ओलंपिक आयोजित हुए। पहली बार खिलाड़ियों ने अपने देश के झंडे के साथ स्टेडियम में मार्च पास्ट किया। लेकिन इसी ओलंपिक में अमरीकी खिलाड़ियों ने जजों पर आरोप लगाया कि वे अपने देश का पक्ष ले रहे हैं। 1912 में स्टॉकहोम में ओलंपिक हुए और फिर विश्व युद्ध की छाया भी इन खेलों पर पड़ी। विश्व युद्ध के बाद एंटवर्प ओलंपिक 1920 में आयोजित हुआ।

दूसरे विश्व युद्ध के पहले बर्लिन में 1936 में ओलंपिक आयोजित हुआ था। इस समय तक ओलंपिक में हिस्सेदारी बढ़ गई थी। टीमों व खिलाड़ियों का मान सम्मान बढ़ गया था। लेकिन विश्व राजनीति का असर भी खेलों पर देखने को मिला। विरोध हुए और बंटी हुई दुनिया का असर खेल के मैदान पर भी पड़ा।  

1896 में एथेंस का पहला आयोजन

पहले आधुनिक ओलंपिक खेल यूनान की राजधानी एथेंस में 1896 में आयोजित किए गए। एक बार तो ऐसा लगा कि वित्तीय समस्याओं के कारण एथेंस से ये खेल निकलकर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट चले जाएँगे। पहले यह तय हुआ था कि पहले आधुनिक ओलंपिक खेल 1900 में पेरिस में आयोजित होंगे। लेकिन चार साल पहले ही ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए एथेंस को चुना गया हालाँकि खेल शुरू होने से पहले ही यूनान गंभीर वित्तीय संकट में फँस गया था।

उस साल हंगरी अपनी हजार वीं सालगिरह मनाने की तैयारी रहा था और उसने यूनान की जगह अपने यहाँ ओलंपिक आयोजित कराने की पेशकश की। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यूनान के राजकुमार ने ओलंपिक आयोजन समिति का गठन किया और उसके बाद समिति को बड़ी मात्रा में सहायता राशि मिली। पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों में सिर्फ 14 देशों के 200 लोगों ने 43 मुकाबलों में हिस्सा लिया। ज्यादातर मुकाबलों में मेजबान देश के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख मुकाबलों में शामिल थे। टेनिस, ट्रैक एंड फील्ड, भारोत्तोलन, साइकिलिंग, कुश्ती, तीरंदाजी, तैराकी और जिम्नास्टिक. क्रिकेट और फुटबॉल प्रतियोगिताएँ इसलिए रद्द कर दीं गईं क्योंकि इन मुकाबलों में हिस्सा लेने वाली टीमों की कमी थी।


1900 के दौरान में ओलंपिक के आयोजन

1900 में पेरिस ओलंपिक खेलों में पहली बार महिला एथलीटों को भी अपना दमखम दिखाने का मौका मिला। लेकिन करीब एक हजार प्रतियोगियों में सिर्फ 20 महिलाएँ थीं। पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले देशों की संख्या भी 14 से बढ़कर 28 हो गई और मुकाबले बढ़कर 75 हो गये थे। क्रिकेट, कॉर्केट, नौकायन पहली बार ओलंपिक में शामिल किए गए। ये ओलंपिक मई से अक्तूबर चला।सन् 1904 में सेंट लुई में ओलंपिक हुआ। लेकिन साढ़े चार महीने चले ओलंपिक खेलों में जनता की रुचि ज्यादा नहीं दिखी। आधुनिक ओलंपिक खेलों के संस्थापक पिया द कुबर्तां भी यहाँ नहीं पहुँचें। अमरीका आने-जाने के खर्च के कारण प्रतियोगियों और भाग लेने वाले देशों की संख्या में बड़ी गिरावट आई।

रोम को सन् 1908 में ओलंपिक की मेजबानी सौंपी गई थी। लेकिन आयोजन पर लगने वाला खर्च 1906 में माउंट विसूवियस ज्वालामुखी के विस्फोट के कारण दूसरी जगह लगाना पड़ा। तब लंदन ने आगे आकर मेजबानी की पेशकश की और सिर्फ 10 महीनों के अंदर व्हाइट सिटी में एक भव्य स्टेडियम बना। लंदन ओलंपिक में कुल 21 प्रतियोगिताएँ शामिल की गईं।  

सन् 1912 में स्टॉकहोम ओलंपिक में मुकाबलों की संख्या घटकर 14 रह गई। विश्व युद्ध के कारण 1916 में ओलंपिक खेलों का आयोजन नहीं हुआ। लेकिन 1920 में बेल्जियम के एंटवर्प को मेजबानी का मौका मिला.। हालाँकि विश्व युद्ध की पीड़ा बेल्जियम को भी झेलनी पड़ी थी लेकिन इसके बावजूद आयोजकों ने जरूरी व्यवस्था पूरी कर ली। सन् 1924 का ओलंपिक पहले एम्सटर्डम में आयोजित होना था, लेकिन ओलंपिक समिति के अध्यक्ष पिया द कुबर्तां के प्रभाव के कारण ये खेल आखरिकार आयोजित हुए पेरिस में किया गया। सन् 1928 में नीदरलैंड को ओलंपिक की मेजबानी की। प्रथम विश्व युद्ध के बाद पाबंदी झेल रहे जर्मनी को इस ओलंपिक में खेलने का मौका मिल गया। लॉस एंजेलेस 1932 में ओलंपिक खेल आयोजित तो हुए लेकिन उस समय दुनियाभर में आर्थिक संकट मँडरा रहा था। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने खिलाड़ियों के आने-जाने और खाने का प्रबंध करके आयोजन के खर्च को कम करने की कोशिश की। सन् 1936 में ओलंपिक का आयोजन बर्लिन में किया।


1940 से 2020 तक यहां यहां हुए आयोजन

वही ओलंपिक का जारी  दौर धीरे धीरे आगे बढ़ता गया। जो गार्मिश और पार्टेनकिर्चेन जापान व जर्मनी 1940 में हुआ। वही ग्रीश्मकालीन व षीतकालीन दोनों प्रकार के ओलंपिक खेल होने षुरू हो गये थे। जो इस प्रकार है - इटली, लंदन यूनाइटेड किंगडम 1944 में, सेंट- मोरित्ज स्विट्जरलैंड व लंदन यूनाइटेड किंगडम 1948 में ओस्लो नॉर्वे व हेलसिंकी फिनलैंड 1952 में इटली व स्टॉकहोम ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन 1956 में, स्क्वॉ वैली यूनाइटेड स्टेट्स, रोम इटली 1960 में ऑस्ट्रिया व टोक्यो जापान 1964 में, ग्रेनोबल फ्रांस, मेक्सिको अमेरिका 1968 में, साप्पोरो जापान, म्यूनिख पश्चिम जर्मनी 1972 में, ऑस्ट्रिया, मॉन्ट्रियल कनाडा अमेरिका 1976 में, लेक प्लेसिड संयुक्त राज्य अमेरिका व मास्को सोवियत संघ यूरोप 1980 में, साराजेवो यूगोस्लाविया, लॉस एंजिल्स संयुक्त राज्य अमेरिका 1984 में कैलगरी कनाडा, सियोल दक्षिण कोरिया एशिया 1988 में, अल्बर्टविले फ्रांस, बार्सिलोना स्पेन 1992, लिलेहैमर नॉर्वे, अटलांटा संयुक्त राज्य अमेरिका 1996, नागानो जापान 1998, सिडनी ऑस्ट्रेलिया, साल्ट लेक सिटी संयुक्त राज्य अमेरिका 2002 में, एथेंस ग्रीस अगस्त 2004 में, ट्यूरिन इटली 2006 में, बीजिंग ख्प, चीन 2008 में, वैंकूवर कनाडा 2010 में , लंदन यूनाइटेड किंगडम 2012 में, रूस 2014 में, रियो डी जनेरियो ब्राजील 2016 में, प्योंगचांग दक्षिण कोरिया 2018 में और वर्तमान में टोक्यो जापान 2020 में जारी है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ