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फिल्म समीक्षा :- भुज – द प्राइड ऑफ इंडिया राष्ट्रवाद का शानदार प्रति रुप









बॉलीवुड में अक्सर देश प्रेम की फिल्में राष्ट्रीय त्योहारों के आसपास रिलीज होती है। यह भी माना जाता है कि जो पिक्चरें राष्ट्रीय या राष्ट्रीयता के प्रति लगाव को लेकर बनती है वह हमेशा बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई करती है। राष्ट्रप्रेम के विषय में सबसे अच्छा विषय माना जाता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच विभिन्न विवाद और युद्ध पर बनने वाली फिल्म में अक्सर सुपरहिट रहती है। बॉर्डर, ग़दर, तिरंगा जैसी पिक्चर्स ने अपनी एक विशेष पहचान बना ली।

अजय देवगन की भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के विषय पर आधारित है। युद्धों के नजरिए से जब भुज हवाई पट्टी युद्ध में नष्ट हो गई थी और अजय देवगन द्वारा लिखित बहादुर अधिकारी विक्रम कार्णिक ने पास के एक गांव की 300 महिलाओं के साथ भुज हवाई अड्डे का दौरा किया था।  एक ऐसा कदम जिसने भारत की सेना को युद्ध जीतने में मदद की है।


यह है भुज द प्राइड ऑफ इंडिया में स्टार कास्ट


 वैसे तो फिल्म में मुख्य पात्र अजय देवगन का है। इसके अलावा सोनाक्षी सिन्हा सुंदरबे जेठा की भूमिका का वर्णन करती हैं। जो एक सामाजिक कार्यकर्ता जिसने इस महत्वपूर्ण समय में सशस्त्र बलों की मदद करने के लिए अपना सब कुछ जोखिम में डाल दिया। संजय दत्त रणछोड़दास पागी की भूमिका को जीवंत करते हैं। जिनके प्रयासों के बारे में माना जाता है कि उन्होंने हजारों लोगों की जान बचाई।


फिल्म की स्टोरी और राष्ट्रभक्ति का ज्वार सुपरहिट


बॉलीवुड में राष्ट्रवाद भावना पर बनी हुई फिल्में हमेशा सुपर डुपर हिट जाती है। लेकिन अक्सर कुछ फिल्मों में देखा गया है जो कमजोर पटकथा और मजबूत दृश्य अभाव में सुपर फ्लॉप भी हो जाती है। लेकिन अजय देवगन की अक्सर सभी फिल्में वन मैन आर्मी की तरह होती है। उसमें अजय देवगन का ही फिल्म की सफलता का सबूत होता है। भुज की अजय देव स्टोरी एक्शन लाजवाब है। भुज फिल्म धमाल मचाने वाली है। वैसे राष्ट्रीय त्योहार होने के कारण राष्ट्रवाद का ज्वार लोगों पर चढ़ा हुआ होता है। और उसमें भुज फिल्म जबरदस्त तड़का लगा कर के अच्छी फिल्म साबित होगी।


संजय दत्त का भी है दमदार रोल


भुज फिल्म में अजय देव के बाद में संजय दत्त का रोल सबसे दमदार रोल है। रणछोड़ दास पागी के रोल में संजय दत्त का लुक ओर भी खिल जाता है। अपनी दमदार डायलॉग शैली के कारण संजय दत्त वैसे भी हमेशा ही सुपर हिट रहे हैं। लेकिन गुजराती लुक में उनका अंदाज देखने लायक होता है। और राष्ट्रवाद के लिए एक ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति किस प्रकार से सेना की मदद करता है यह देखने काबिल है।


कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भुज फिल्म राष्ट्रवाद के जोश को बढ़ाने वाली है। अजय देवगन और संजय दत्त की दमदार भूमिकाएं और उनकी शानदार शैली डायलॉग डिलीवरी बहुत ही जबरदस्त हैं। भारतीय सेना और नागरिकों का जोश बढ़ाने वाली पिक्चर है। अच्छी कमाई करेगी।

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